Pages

Pages

Tuesday, September 20, 2016

सभी पुण्य आत्मा जरुर पढे मालिक कि ज्ञान गंगा पुस्तक नई (हिन्दि) मे मिलावट !!!!

सत साहेब
बोलो सत गुरु देव जी की जय हो

प्रदर्शित चित्र में बायीं तरफ बंदी छोड़ सत गुरुदेव जी द्वारा रचित परम पवित्र सद ग्रन्थ ज्ञान गंगा पुराने कि पृष्ठ 149 का चित्र तथा उसी के ठीक दाईं ओर वर्तमान में छपी ज्ञान गंगा नई पुस्तक के पृष्ठ 149 की फोटो है जिसमें कुछ शब्द और बड़ा दिए हैं जो निश्चित रूप से सद ग्रन्थ ज्ञान गंगा में मिलावट का प्रत्यक्ष परिचायक है |

अवोर कोइ कोइ भगत लोग बोलते हे कि Nostradamus के भविष्य बानिमे लिखा होगा एइसा ? …….
अब नीचे
उन का भी हिन्दि अनुवाद देखियेगा । …। (you can also try to translate from google translator)

(इन्मे सोचने कि बिसय ये हे कि इनोने भगत लोगो को मुर्ख बनने के लिए / भगत लोगो को भरम मे राखने के लिए ये किया …)

पर अब तो जागो भगत लोग अब तो आखे खोलो। ………
अभि तक तो इन्का हात हिन्दि बुकमे हि पढा हे नेपाली अंग्रेजी बुक मे नही

जैसा कि विदित है कि कालान्तर से आज तक नकली कबीर पन्थो द्वारा कबीर सागर (सूक्ष्म वेद) में अपने ही अनुसार मिलावट की गई है,,  ठीक इसी प्रकार पवित्र ज्ञान गंगा में मिलावट किया है. जो कि गुरुमर्यादा तथा सत भगती करने वाले भगत समाज के हिसाब से निंदनीय कृत्य है |
बंदी छोड़ की प्रेरणा और मालिक कि ज्ञानसे आप जीको खुद निर्णय लेना है |

****आगे बंदीछोड़ सत गुरुदेव जी की दया ****
                      सत साहेब



Old Gyan Gnaga sat saheb
https://drive.google.com/file/d/0BwxX6PdJZvQTZnBfclJCeWxrOUU/view

नीचे नेपाली अवोर अंग्रेजी पुस्तक मे मिलावट नही किया हे।






Nostradamus के भविष्य बानिका अनुवाद

अगर आपको समझ नही आरही हे तो  मालिक बताते हे कि अपने अन्तर आत्मा से मालिक कोहि पुकारे अवोर मालिक से हि अर्जी करे  मालिक अन्तर आत्मा कि पुकार सुनते हे 

कबिर साहेब बता ते हे कि 

सोइ जान मेरा निर खिरका करे निबेरा

जान बुझ साची तजे करे झूट से नेह
ताकी संगति हे प्रभु स्वपन मे भी न देह / सात साहेब

सोये हुएको जागाया जा सक्ता हे पर सोये हुये नाटक कर्ने वालोको नही।

बंदी छोड़ की प्रेरणा और मालिक कि ज्ञानसे आप जीको खुद निर्णय लेना है |
****आगे बंदीछोड़ सत गुरुदेव जी की दया ****
                            सत साहेब

अगर आपको ये सहि लागे तो 
जरुर Share केरे मालिक कि पुण्य आत्माओं के पास ये ज्ञान पहुचाने मे सहयोग दे। ……   
सात साहेब 

No comments:

Post a Comment